वनस्पति विज्ञानियों के मुताबिक जंबू, चोरू, तेजपता, कपूर काचरी, कुटकी, कूठ और जटामासी जैसी वनस्पतियां समुद्र तल से 900 मीटर से लेकर 2800 मीटर तक की ऊंचाई वाले स्थानों में पाई जाती हैं। प्रदेश के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के चौदास घाटी का इलाका इन औषधियों के लिए उपयुक्त है।
हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली औषधीय जड़ी बूटियों के संरक्षण का प्रयास किया जा रहा है। इसमें गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के वनस्पति विज्ञानियों की मदद ली जा रही है। पिथौरागढ़ जिले में चौदास घाटी में 11 गांव के 172 से अधिक किसानों को संरक्षण से जोड़ा गया है।
-किरीट कुमार, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन।