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एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड के कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए बनेंगे 20 से अधिक छात्रावास

Mon, 28 Dec 2020 06:22 PM IST
अलका त्यागी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • उच्च शिक्षा राज्य मंत्री के निर्देश पर कॉलेजों से मांगे गए थे प्रस्ताव 
  • अधिकतर छात्रावास छात्राओं के लिए, केंद्र को भेजा जा चुका है प्रस्ताव
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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नए साल में अनुसूचित जाति, जनजाति क्षेत्र के कॉलेजों के छात्र- छात्राओं को सरकार अपनी तरफ से तोहफा देने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में इन छात्रों के लिए 20 से अधिक छात्रावास बनाने को हरी झंडी दे दी है। शिक्षा निदेशालय को इतने कालेजों की ओर से छात्रावास के प्रस्ताव मिले हैं और अधिकतर छात्रावासों का निर्माण छात्राओं के लिए किया जाना तय किया गया है। 

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कॉलेजों में एडमिशन शुरू होने के साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों और उनके अभिभावकों को हॉस्टल की चिंता सताने लगती है। कारण यह भी है कि इस तरह के कालेज सीमित हैं और विद्यार्थियों को भी दूर दराज के क्षेत्रों से यहां पहुंचना होता है।

छात्रों की इस समस्या का समाधान अब नए साल में होगा। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के निर्देश पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों के प्राचार्य से हॉस्टल के लिए प्रस्ताव मांगा गया था। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा पीके पाठक के मुताबिक प्रदेश भर में 20 से अधिक कॉलेजों के प्रस्ताव मिले हैं।
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इन प्रस्तावों को मंजूरी के लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय एवं अनुसूचित जाति व जनजाति कल्याण मंत्रालय केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। संयुक्त निदेशक के मुताबिक अधिकतर हॉस्टल छात्राओं के लिए बनाए जाने प्रस्तावित हैं। प्रत्येक कॉलेज में 50 से 100 छात्राओं के लिए यह हॉस्टल बनेंगे। सभी प्रस्तावित कॉलेजों में हॉस्टल बनने से छात्र- छात्राओं की रहने समस्या काफी हद तक दूर होगी।

प्रदेश के त्यूनी, चकराता, जोशीमठ, मुनस्यारी, बलवाकोट, रुद्रप्रयाग, पाबौ, थलीसैंण आदि क्षेत्रों के कॉलेजों में हॉस्टल बनना प्रस्तावित है। इसके लिए कॉलेजों से प्रस्ताव मिलने के बाद इससे संबंधित मंत्रालय को भेज दिया गया है।
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 -डॉ कुमकुम रौतेला, निदेशक उच्च शिक्षा

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