विश्व हिंदू परिषद् के केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी ने कहा कि राम मंदिर, राष्ट्र मंदिर बने इसके लिए जन सहभागिता जरूरी है। उन्होंने बताया कि वैसे तो सरकार खुद भी राम मंदिर का भव्य निर्माण करा सकती थी। लेकिन ऐसा नही किया गया क्योंकि राम मंदिर सरकार का नही जन मानस का मंदिर है।
संघ विचार परिवार की प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में हुई बैठक में श्रीराम मंदिर निर्माण में जन भागीदारी को एक योजना बनाई गई। 14 जनवरी मकर संक्रांति से शुरू होने वाले इस महाअभियान में अधिक से अधिक परिवारों तक कैसे पहुंचा जाए इसपर विचार विमर्श किया गया।
हरिद्वार नगर में 35 हजार परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम सत्रकी अध्यक्षता जिला संचालक रोहिताश कुंवर और संचालन नगर कार्यवाह गुरमीत सिंह ने किया। तीसरे और अंतिम सत्र में आरएसएस क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने कहा कि सफलता का अंतिम बिंदु क्या है, इसका बोध होना आवश्यक है।
राम मंदिर निर्माण निर्माण के लिए शहर के 35000 परिवारों तक कार्यकर्ता जाने चाहिए। तीसरे सत्र की अध्यक्षता नगर संचालक डॉ. यतींद्र नागयन ने की। बैठक में विहिप प्रांत सहसंगठन मंत्री अजय कुमार, जिला प्रचारक अमित कुमार, सह कार्यवाह डा अनुराग, विहिप जिलाध्यक्ष नितिन गौतम, अविनाश अहोरी, अनिल गुप्ता, दीपक भारती, रमेश उपाध्याय, देशराज शर्मा, वीरेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।