रावत ने कहा कि मेरी दिली इच्छा है कि कोई व्यक्ति मेरी उत्तराखंडियत की सोच, मेरे उत्तराखंड से रिश्ते को आगे लेकर चले, वह संभावनाएं आनंद में हैं। मैं चाहता था कि उसको भी अवसर मिले लेकिन हर बार उसका अवसर मैंने ही काटा। जिस समय वो यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष था, सभी अध्यक्ष के अलावा यूथ कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को टिकट मिले लेकिन मैंने कह दिया कि हम लालकुआं से चुनाव नहीं लड़ेंगे। वो लालकुआं से मांग रहा था। वहां से हरीश दुर्गापाल के लिए सब कह रहे थे। 2017 में बेटे ने अपने लिए जसपुर चुना।
मैंने पार्टी हित में भाजपा की चुनौती को तोड़ने के लिए मजबूत प्रत्याशी के रूप में आदेश चौहान को लड़ाया। जिस जसपुर को जीतने में हमें पसीने आने लगे थे, आज हम सरलता से जीतते हैं। उस समय भी मैंने कहा- बेटा वेट, योर टर्न विल कम। फिर भी मैंने कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल से कहा है कि अभी तय कर लो कि यदि वहां से कोई और है तो उसका हक मारकर मेरे बेटे को न लड़ाना। अगर उसका हक बनता है, वह जीत सकता है। मेरा बेटा लड़ सकता है तो उसको लड़ा दो। बस यही परिवारवाद है।