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एक्सक्लूसिव: हरिद्वार जिले में अब पढ़ना-लिखना सीखेंगी निरक्षर महिलाएं 

Sun, 03 Jan 2021 06:16 PM IST
अलका त्यागी बसंत कुमार, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • प्रशासन और शिक्षा विभाग करेगा महिलाओं को साक्षर 
  • जल्द शुरू होगा निरक्षर महिलाओं को लेकर सर्वे 
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शिक्षा(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
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हरिद्वार जनपद की निरक्षर महिलाएं भी अब लिखना-पढ़ना सीखेंगी। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से संयुक्त रूप इन निरक्षर महिलाओं को साक्षर किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही स्वयंसेवी निरक्षर महिलाओं की संख्या पता करने के लिए सर्वे शुरू करेंगे।

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नीति आयोग के सहयोग से ‘साक्षर महिला, उन्नत हरिद्वार’ अभियान के तहत जनपद की 15 वर्ष के ऊपर की किशोरियों, युवतियों और महिलाओं को अक्षर ज्ञान कराया जाएगा, ताकि वह अपनी जरूरत के अनुसार लिखाई-पढ़ाई कर सकें। लिखना आने पर वह किसी भी दस्तावेज पर अंगूठा लगाने के बजाए हस्ताक्षर कर सकें। इन महिलाओं को साक्षर करने के लिए जिले के सभी ब्लॉकों रुड़की, नारसन, बहादराबाद, भगवानपुर, लक्सर और खानपुर में स्वयंसेवी संस्थाओं की तीन सौ स्वयंसेवी महिलाओं को पहले इनका सर्वे करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

इसमें स्वयंसेवियों को सर्वे का प्रपत्र भरने की जानकारी दे दी गई है। अगले सप्ताह से ये स्वयंसेवी अपने-अपने गांव में निरक्षर महिलाओं की जानकारी जुटाने के लिए सर्वे शुरू कर देंगी। इसके बाद फरवरी में स्वयंसेवियों को साक्षर करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद निरक्षर महिलाओं को साक्षर किट देकर पढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा। तीन महीने के साक्षर कार्यक्रम के बाद मूल्यांकन करने के लिए महिलाओं को साक्षर होने का प्रमाणपत्र भी शिक्षा विभाग देगा। 
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पहले चरण में दस हजार महिलाएं होंगी साक्षर
साक्षर महिला उन्नत हरिद्वार अभियान के तहत किए जाने वाले निरक्षर सर्वे में चिह्नित होने वाली महिलाओं को कई चरणों में साक्षर किया जा सकता है। योजना के नोडल अधिकारी और डीआरपी (डिस्ट्रिक रिसोर्स पर्सन) डॉ. संतोष चमोला और मास्टर ट्रेनर अमरीश चौहान ने बताया कि नीति आयोग की ओर से पहले चरण में दस हजार निरक्षर महिलाओं को साक्षर करने का लक्ष्य दिया गया है। अगर इससे अधिक निरक्षर महिलाएं आती हैं तो उन्हें अगले चरण में साक्षर करने का काम किया जाएगा।

निरक्षर महिलाओं को साक्षर करने के लिए दस दिन में सर्वे कर लिया जाएगा। निरक्षर महिलाओं को उन्हीं की गांव की स्वयंसेवी महिलाएं साक्षर करने का काम करेंगी। इसमें महिलाओं को साक्षर होने के लिए दूर भी नहीं जाना होगा। निरक्षर महिलाओं को साक्षर करने के लिए सभी शिक्षण सामग्री भी निशुल्क दी जाएगी। इससे अक्षर ज्ञान होने से महिलाएं स्वावलंबी बन सकेंगी।
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- डॉ. आनंद भारद्वाज, मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार

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