बीते सालों तक जनवरी माह में जो पहाड़ियां बर्फ से ढकीं रहती थीं, वो इन दिनों आग से धधक रही हैं। उर्गम घाटी, पीपलकोटी, बछेर, पोखरी, घाट और नंदप्रयाग क्षेत्र में जंगल आग से धू-धूकर जल रहे हैं। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत अभी तक 11.5 हेक्टेयर और बदरीनाथ वन प्रभाग में लगभग 5 हेक्टेयर जंगल आग से जल चुका है।
फायर सीजन से पहले ही जंगलों में लगी आग से वन अधिकारी भी चिंतित हैं। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर का कहना है कि लंबे समय से बारिश न होने के कारण सूखी घास पर आसानी से आग पकड़ रही है और नियंत्रित नहीं हो पा रही है।
उर्गम घाटी में आग अब दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच गई है, जबकि पीपलकोटी के समीप जैसाल के जंगलों में तीन दिनों से भड़की आग चट्टानी भाग तक पहुंचने के बाद अपने आप बुझ गई।
तीन दिन से जल रहे देवाल ब्लाक के जंगल
ब्लॉक के फैटी, दूना, ओडर, सिलंगी सहित कई गांवों के आसपास की वन और सिविल भूमि पर तीन दिन से आग लगी हुई है। आग से सैकड़ों नाली वन भूमि जलकर नष्ट हो गई। ओडर के क्षेपंस पान सिंह, लिंगड़ी के राजेंद्र सिंह ने बताया कि जंगलों में आग लगने से चारों तरफ धुंध छाई है।
हालांकि वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने में लगे हैं, लेकिन चट्टानी क्षेत्र होने के कारण आग पर काबू पान मुश्किल हो गया है। रेंजर टीएस बिष्ट ने लोगों से आग बुझाने में सहयोग करने की अपील की।