आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले आयोग ने वन दरोगा भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया, लेकिन इस पर सवाल खड़े हो गए। आयोग ने जो रिजल्ट जारी किया, उसमें 1800 में से 332 सवालों को पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न मानते हुए मूल्यांकन से हटा दिया। इन प्रश्नों के लिए उम्मीदवारों को बोनस अंक दे दिए गए। उम्मीदवारों का कहना है कि जो प्रश्न आयोग ने हटाए हैं, उनमें भी असमानता है।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
उनका कहना है कि एक पाली से 27 प्रश्न हटाए गए हैं तो दूसरी पाली से केवल छह प्रश्न हटाए गए हैं। इस आधार पर उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 10 याचिकाएं दायर हुईं। हाईकोर्ट ने कहा कि सभी उम्मीदवार एक हफ्ते के भीतर आयोग के सामने अपना पक्ष रखें। इसके बाद आयोग के सचिव को कहा गया है कि आठ हफ्ते के भीतर वह इस मामले में सुनवाई करके उचित फैसला लें। तब तक किसी भी उम्मीदवार को नियुक्ति प्रदान नहीं की जाएगी।
उम्मीदवारों ने दी उग्र आंदोलन की धमकी
उम्मीदवारों का कहना है कि अगर आयोग ने आठ हफ्ते के भीतर इस अनियमितता को दूर कर दोबारा वन दरोगा भर्ती का परिणाम जारी न किया तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। इससे पहले उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने लोअर पीसीएस प्री परीक्षा का परिणाम जारी किया था, जिसमें 12 सवालों को गलत, दो विकल्पीय या अन्य कारणों से मूल्यांकन से हटा दिया था। इनकी जगह आयोग ने सभी उम्मीदवारों को 12 बोनस अंक दे दिए थे, जिस पर उम्मीदवार लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह बात सही है कि 1800 सवाल पूछे गए थे, जिनमें से विशेषज्ञों ने 332 सवालों को आउट ऑफ सिलेबस माना है। हमने उनकी जगह बोनस अंक दिए हैं। अब हाईकोर्ट के आदेश के तहत सभी उम्मीदवारों की शिकायत सुनी जाएगी और इसी आधार पर भर्ती परिणाम पर निर्णय लिया जाएगा।
-संतोष बडोनी, सचिव, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग