उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक के निलंबित जीएम प्रभाकर को सहकारिता निबंधक ने चार्जशीट जारी की है। निलंबित जीएम के खिलाफ जांच में अधिकतर आरोप सिद्ध पाए गए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप प्रभाकर पर लगा था।
मामले की शिकायत उत्तरकाशी निवासी आमोद पंवार ने सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत से की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि परियोजना के बैंक ऋण देने के एवज में पैसे मांगे गए और इस वजह से जानबूझ ऋण लटकाकर उसे परेशान किया गया। मंत्री के आदेश पर इस मामले की जांच हुई और प्रभाकर को निलंबित कर दिया गया था। इसकी जांच सहकारिता विभाग के अपर निबंधक आनंद शुक्ला ने की थी।
निबंधक सहकारिता बीएम मिश्रा ने बताया कि जांच आख्या उन्हें मिल गई है। जांच आख्या के आधारी पर प्रभाकर को चार्जशीट जारी की गई है। जांच में प्रभाकर के खिलाफ अधिकतर शिकायतों की पुष्टि हुई है। प्रभाकर के खिलाफ पद का दुरुपयोग करने, बैंक के ग्राहक को परेशान कर बैंक की साख को नुकसान पहुंचाने और पैसे मांगने की शिकायत थी। इसके पैसे मांगने का आरोप आंशिक रूप से सिद्ध हुआ है।