उत्तराखंड में टेलीमेडिसिन सेवा के जरिये दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है। सभी जिलों में सरकार ने 700 चिकित्सा इकाईयों को टेलीमेडिसिन सेवा से जोड़ दिया है। इससे रोजाना 150 मरीज इस सेवा के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले रहे हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में टेली मेडिसिन सेवा देने के लिए एम्स जोधपुर भी तैयार है। इसके लिए एम्स जोधपुर की ओर से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। इसके लिए सरकार की ओर से तकनीक का इस्तेमाल कर टेली मेडिसिन सेवा के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने पर जोर है।
वर्तमान में दून मेडिकल कालेज, सुुशीला तिवारी मेडिकल कालेज, श्रीनगर मेडिकल कालेज, एम्स ऋषिकेश, 36 जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, 59 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 200 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 305 हेल्थ वेलनेस सेंटरों के अलावा 100 अन्य चिकित्सा इकाईयों को टेली मेडिसिन की सेवाएं मिल रही है।
उत्तराखंड के जनजातीय व दुर्गम क्षेत्रों में टेली मेडिसिन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं देने को एम्स जोधपुर भी तैयार है। इसके लिए एम्स जोधपुर की ओर से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार की अनुमति मिलने ही एम्स जोधपुर टेली मेडिसिन की सेवाएं शुरू करेेगा।
28 हजार मरीज ले चुके टेलीमेडिसिन से परामर्श
प्रदेश में अब तक लगभग 28 हजार मरीज टेली मेडिसिन सेवा के जरिये विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले चुके हैं। रोजाना 150 मरीज इस सेवा से परामर्श ले रहे हैं। सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक टेली मेडिसिन सेवा पर मरीज परामर्श ले सकते हैं। गंभीर बीमारियों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे उपलब्ध होते हैं।
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए टेली मेडिसिन सेवा को बढ़ावा दिया जा रहा है। सभी जिलों में टेली मेडिसिन की सेवाएं शुरू की है। मरीजों की प्रतिक्रिया भी अच्छी आ रही है। पहले जहां प्रतिदिन 30 से 40 मरीज सेवाएं ले रहे थे। वहीं, अब 150 से अधिक मरीज डॉक्टरों से परामर्श ले रहे हैं। इस सेवा से मरीजों को आसानी से विशेषज्ञ डॉक्टरों का परामर्श मिल रहा है।-
अमित सिंह नेगी, सचिव स्वास्थ्य