आबकारी विभाग में अब सचिव और आयुक्त का जिम्मा अलग-अलग अधिकारियों को दिया गया है। शासन ने आबकारी आयुक्त का दायित्व देख रहे हरिचंद सेमवाल से आबकारी सचिव का प्रभार हटा दिया है। अब यह जिम्मेदारी प्रमुख सचिव एल फैनई को दी गई है।
सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने फैनई को आबकारी का प्रभार देने की पुष्टि की है। नैनीताल उच्च न्यायालय ने एक ही व्यक्ति को सचिव और आबकारी आयुक्त का प्रभार दिए जाने पर प्रश्न उठाया था। इसे लेकर प्रदेश सरकार भी असहज थी। कोर्ट ने देहरादून निवासी अवनीश क्षेत्री की याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार से यह सवाल किया था।
सरकार न्यायालय में असहज होने से बच जाएगी
दरअसल, शराब की दुकान शिफ्ट किए जाने के मामले में आबकारी आयुक्त ने क्षेत्री के खिलाफ आदेश पारित किया था। कोर्ट ने आदेश की समीक्षा करने के निर्देश थे, लेकिन क्षेत्री का कहना था कि जब आबकारी आयुक्त और सचिव का जिम्मा एक ही अफसर के पास है तो उन्हें न्याय कैसे मिल पाएगा?
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क्षेत्री के इस प्रश्न पर न्यायालय ने भी सरकार जवाब दाखिल करने को कहा कि एक ही व्यक्ति सचिव और आयुक्त कैसे बना दिया, जब आबकारी एक्ट में प्रावधान है कि आयुक्त के आदेश का सरकार को समीक्षा करनी है। कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने काफी सोच-विचार के बाद सचिव हरिचंद सेमवाल से आबकारी का प्रभार हटाकर उसे प्रमुख सचिव एल फैनई को दे दिया।
अलबत्ता आबकारी आयुक्त का प्रभार सेमवाल के पास बनाए रखा गया है। माना जा रहा कि इस कदम से अब सरकार न्यायालय में असहज होने से बच जाएगी।