इस पर अभिभावक शिक्षक के कमरे के पास पहुंचे, वहां देखा तो शिक्षक का कमरा अंदर से बंद था। काफी देर खटखटाने पर भी जब शिक्षक ने दरवाजा नहीं खोला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अभिभावकों ने बताया कि शिक्षक सोये मिले, उन्हें जगाया गया। इस कारण सुबह दस बजे से होने वाली परीक्षा दो घंटे देरी से दोपहर 12 बजे शुरू हो पाई। इस पर अभिभावकों ने कड़ी नाराजगी भी जताई।
मामला संज्ञान में है, लेकिन उक्त शिक्षक की तबीयत खराब होने से वह कमरे में सोये रहे। बाद में पटवारी और अन्य स्टाफ को भेजकर उन्हें उठाया गया और सुबह 10.30 बजे से परीक्षा शुरू करा दी गई थी। इसके अलावा अन्य दो शिक्षकों के जाम में फंसने से उन्हें स्कूल पहुंचने में 15 मिनट की देर हुई थी।
- कमलेश्वरी मेहता, उप शिक्षाधिकारी ओखलकांडा