उत्तराखंड में इस साल हुई सहायक अध्यापक (एलटी), कनिष्ठ सहायक और डाटा एंटी आपरेटर की लिखित परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिसमें ऊधम सिंह नगर में 22 अभ्यर्थियों के स्थान पर दूसरे युवकाें ने परीक्षा दी थी। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने जांच में आए तथ्यों के आधार पर रायपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अनुसचिव राजन नैथानी ने रायपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें बताया है कि आयोग ने 21 जनवरी 2018 को सहायक अध्यापक (एलटी) और छह मई को कनिष्ठ सहायक/डाटा एंटी आपरेटर की लिखित परीक्षा कराई थी। परीक्षा की ओएमआर स्कैनिंग के दौरान पता चला कि ऊधमसिंह नगर में 22 अभ्यर्थियाें के स्थानों पर दूसरों ने परीक्षा दी थी।
यह साजिश आवेदन पत्र भरने के साथ ही रची गई। इन अभ्यर्थियाें ने ई-मेल के कालम में एक ही ई-मेल का उल्लेख किया गया है। फिलहाल इन अभ्यर्थियाें का परीक्षा परिणाम रोक दिया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी अज्ञात गैंग ने अपने लाभ के लिए परीक्षा में अयोग्य अभ्यर्थियों को भर्ती किए जाने का प्रयास किया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने शुक्रवार को डालनवाला कोतवाली में वर्ष 2017 में हुई टेक्नीशियन ग्रेड टू की परीक्षा के छह अभ्यर्थियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इन परीक्षार्थियों पर परीक्षा के बाद ओएमआर शीट से छेड़छाड़ करने का आरोप है।