स्वामी सानंद से मिलने पहुंचे थे पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश
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गंगा के लिए ब्रह्मलीन स्वामी सानंद के दिल में गंगा के लिए गहरी आस्था एवं असीम प्रेम भरा हुआ था, ये उन्होंने साबित भी कर दिया। एक वक्त वह भी था जब उन्हें मनाने पहुंचे केंद्रीय पर्यावरण मंत्री रहे जयराम रमेश को उन्होंने दो टूक कहकर वापस लौटा दिया था।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री को कहा था कि यदि उनके दोस्त के बेटे बनकर आए हैं तो ठीक है, यदि केंद्रीय मंत्री बनकर आए तो आप जा सकते है। स्वामी सानंद वर्ष 2010 में भी जल विद्युत परियोजनाओं के खिलाफ अनशन पर बैठे थे।
आईआईटी कानपुर में केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश के पिता उनके साथी रहे थे। जब केंद्रीय मंत्री उनका अनशन तुड़वाने पहुंचे थे तब सानंद ने सवाल किया था कि यदि केंद्रीय मंत्री बनकर आए हैं तो उनकी मांगों को मान लेने संबंधी पत्र देकर बातचीत कर सकते हैं।
यदि मांगें लिखित में नहीं लाए तो हैं तो वे जा सकते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर दोस्त के बेटे के रूप में आए तो बैठ सकते हैं। स्वामी सानंद के रुख को देखकर तब केंद्रीय मंत्री वापस लौट गए थे।