गढ़ी स्थित गोर्खाली सुधार सभा के सभागार में 4/3 गोर्खा राईफल्स के भूतपूर्व सैनिकों के 58वें फ्लैग ?
4/3 गोरखा राइफल्स के भूतपूर्व सैनिकों ने पलटन का 58वां फ्लैग रेजिंग डे धूमधाम से मनाया। इस मौके पर पलटन के सैनिक गोरखाली और देशभक्ति गीतों पर जमकर झूमे। वहीं बटालियन के इतिहास और बटालियन में बिताए पलों को साझा कर पूर्व सैनिक जोश से भर उठे।
गोरखाली सुधार सभा में स्थापना दिवस का उद्घाटन गुजरात से पहुंचे मेजर जनरल कुंवर रणधीर सिंह ने किया। वह नौकरी के दौरान से पलटन से जुड़े रहे हैं। समारोह की शुरुआत में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पलटन का इतिहास दोहराया गया। रिटायर मेजर जनरल बीबी लिम्बु ने कहा कि 4/3 गोरखा राइफल्स की स्थापना देहरादून कैंट केघंघोड़ा में 25 मई 1962 में हुई थी। 20 फ रवरी 1963 को बटालियन ने पहली बार सर्वोच्च सैनिक सम्मान के साथ अपने क्वार्टर गार्ड में झंडा फ हराया। इसके बाद 1965 के युद्ध, कारगिल में बटालिक सेक्टर प्वाइंट 5156 पर पलटन के योद्धाओं ने दुश्मन सेना के दांत खट्टे कर दिए थे। 1983-85 के बीच मणिपुर में ऑपरेशन हिफाजत में और 2008 से 2010 में जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक में पलटन अग्रणी रही। बटालियन खेलकूद, मार्शल आर्ट, एडवेंचर स्पोर्ट्स और पर्वतारोहण में भी कई पदक जीत चुकी है। पलटन ने 1991 में कुमाऊं के हिमालयी क्षेत्र में माउंट पंचाचुली में साहसिक यात्रा का सफल आयोजन किया था। बटालियन को 70 से ज्यादा शीर्ष श्रेणी के मेडल मिल चुके हैं। समारोह में बटालियन का युद्धघोष आयो गोरखाली और आदर्श वाक्य काफर भंदा मनू जाती (डरपोक होने से मर जाना बेहतर) युद्ध का उद्घोष होते ही पूर्व सैनिक भी गदगद नजर आए। इस मौके पर पूर्व सैनिक देशभक्ति और गोरखाली गीतों पर झूमे भी। आयोजन में कर्नल बीएस क्षेत्री, कर्नल एसपी नौटियाल, कर्नल प्रदीप क्षेत्री, मेजर राजेंद थापा, कैप्टन विजय सिंह थापा, कैप्टन मनोहर थापा, कैप्टन ईश्वर क्षेत्री, कैप्टन पीएस अधिकारी समेत बड़ी संख्या में बटालियन जुड़े पूर्व सैनिक और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए।