असम राइफल्स को दोहरे नियंत्रण से मुक्त करने के लिए स्थापना दिवस पर असम राइफल्स के पूर्व सैनिक धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान पूर्व सैनिक असम राइफल्स को पूरी तरह से रक्षा मंत्रालय के अधीन करने की मांग रखेंगे।
असम राइफल्स एक्स सर्विसमैन वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व कमांडेंट आरएस नेगी ने कहा कि असम राइफल्स 1965 से दोहरे नियंत्रण में है। असम राइफल्स अपने कर्तव्यों का निर्वहन तो रक्षा मंत्रालय के अधीन कर रहा है, लेकिन सुविधाएं उन्हें गृह मंत्रालय के माध्यम से पुलिस बल की मिलती हैं। यह विडंबना है कि काम रक्षा मंत्रालय के अधीन और सुविधाएं केंद्रीय कर्मचारियों के समान, जिनका कार्य आठ घंटे है। कहा कि आजादी के बाद से अब तक भारतीय थल सेना के अधीन असम राइफल्स द्वारा देश की सेवा करते हुए अनेक पदक और प्रशंसापत्र प्राप्त किए हैं। इसलिए असम राइफल्स को पूरी तरह से रक्षा मंत्रालय के अधीन किया जाए। मा.सि.रि.