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आशारोड़ी चेकपोस्ट पर स्वास्थ्य विभाग, पुलिस की टीमें तो तैनात, लेकिन कोरोना जांच कराने वाले नदारद

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मंगलवार दोपहर 1 बजे बे-रोकटोक आशारोड़ी से दून में प्रवेश करते बाहर से आने वाले वाहन। अमर उजाला
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कई राज्यों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के बावजूद देहरादून में लापरवाही का आलम नजर आ रहा है। दून में बड़ी संख्या में लोग आशारोड़ी चेकपोस्ट होते हुए दूसरे राज्यों से उत्तराखंड में प्रवेश करते हैं। लेकिन आशारोड़ी चेकपोस्ट पर कोरोना जांच को लेकर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
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अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को आशारोड़ी चेकपोस्ट का जायजा लिया। यहां जिला प्रशासन, स्वास्थ्य और पुलिस की टीमें तो मुस्तैद नजर आईं, लेकिन यात्रियों के वाहन बिना रोकटोक जिले में प्रवेश कर रहे थे। उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से आने वाली गाड़ियां चेकपोस्ट पर सीधे देहरादून में प्रवेश करतीं नजर आईं। चेकपोस्ट पर कोई भी पुलिसकर्मी इन गाड़ियों को ना तो रोक रहा था, ना ही गाड़ियों में सवार लोगों को इस बात की जानकारी दी जा रही थी कि कोरोना जांच कराने के बाद ही देहरादून में दाखिल हों। हालांकि चेकपोस्ट पर तैनात कोरोना की जांच करने वाली टीम में शामिल कर्मचारियों ने बताया कि प्रतिदिन औसतन 60 से 70 लोगों की जांच की जा रही है।
चेकपोस्ट पर सुविधाएं नदारद
चेकपोस्ट पर तैनात प्रशासन, स्वास्थ्य और पुलिस की टीमों के लिए कोई सुविधा नहीं मुहैया कराई जा रही है। चेकपोस्ट पर कर्मचारियों के लिए सिर्फ टेबल और कुर्सी की व्यवस्था की गई है। उनके लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं है। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि पिछली बार लॉकडाउन के दौरान चेकपोस्ट पर तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। लेकिन इस बार सुविधाएं सिरे से नदारद हैं। चेक पोस्ट पर बुजुर्ग यात्रियों, पर्यटकों के बैठने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है।
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