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असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों को उम्मीद जल्द दोहरे नियंत्रण से मुक्त होगा असम राइफल्स

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असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों को उम्मीद है कि असम राइफल्स दोहरे नियंत्रण से जल्द मुक्त होगा। पूर्व सैनिकों ने कहा कि कोर्ट में फैसला पांच साल से लंबित है। एक नवंबर को इस पर सुनवाई है। उम्मीद है कि फैसला पक्ष में होगा।
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रविवार को कारगी स्थित प्लाजा में हुई असम राइफल्स पूर्व सैनिक संगठन की त्रिमासिक बैठक में सर्वप्रथम शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अध्यक्ष कमांडेंट आरएस नेगी एवं प्रदेश कार्यकारिणी समिति के सदस्य पूर्व कमांडेंट मूर्ति सिंह सजवाण ने कहा कि सरकार अन्याय कर रही, जो स्वीकार योग्य नहीं है। कहा कि प्रजातंत्र में सभी स्वतंत्र हैं। भारत सरकार के साथ अनेक पत्राचार एवं ज्ञापन पेश करने के बावजूद संगठन के शीर्ष नेतृत्व को गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और पीएम ने सूक्ष्म मुलाकात एवं बातचीत के लिए अभी तक समय नहीं दिया, जो सही नहीं है। कहा कि एक नवंबर को असम राइफल्स के दोहरे नियंत्रण से मुक्ति के बारे में कोर्ट केस को पांच वर्ष हो रहे हैं। फैसला लंबित है। अबकी कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में आएगा।
संगठन के सचिव सूबेदार अशोक नेगी ने संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए ईसीएचएस जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों को दिलाने के लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। जिला सचिव ने सरकार द्वारा नई भर्ती योजना अग्निवीर के दूरगामी दुष्परिणामों के बारे में भी पूर्व सैनिकों को जानकारी दी। बैठक में आठ नए पूर्व सैनिकों ने सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर सूबेदार कलम सिंह चौधरी, सूबेदार मेजर एएस राणा, सूबेदार मेजर पीएल आर्य, सूबेदार मेजर रमेश राम, सूबेदार सीएल अमोला, सूबेदार पुंडीर, हवलदार सुरेंद्र सिंह भंडारी, मुन्नी देवी बिष्ट, गुड्डी देवी आदि मौजूद थे। अध्यक्षता सूबेदार प्रताप सिंह ने की।
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