पूर्व सैनिक काफी समय से मानकों में शिथिलता की मांग कर रहे थे। जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास अधिकारी कर्नल मुकेश सांगुड़ी ने बताया कि इस शिक्षा सत्र से पहाड़ी जिलों में 11वीं से स्नातक तक 70 के बजाय 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर भी आश्रितों को छात्रवृत्ति मिलेगी।
जबकि मैदानी जिलों में 11वीं से स्नातक की पढ़ाई में 70 के बजाय 60 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले आश्रितों को छात्रवृत्ति मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहाड़ी जिलों में आईटीआई प्रशिक्षण में 70 प्रतिशत के बजाय 60 प्रतिशत और पॉलिटेक्निक कोर्स में 65 प्रतिशत अंक लाने पर छात्रवृत्ति मिलेगी।
बीटेक, एमटेक, बीएड, एमएड आदि में 70 प्रतिशत अंक आने पर ही छात्रवृत्ति देय होगी। उन्होंने बताया कि इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर तक है।
विद्यालयों को बनाया मानक
पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित स्कूल-कालेजों और अन्य संस्थानों में पढ़ने वाले पूर्व सैनिकों के आश्रित बच्चों को ही पहाड़ से संबंधित मानकों का लाभ मिलेगा। संबंधित आश्रित यदि मैदानी इलाकों में स्थित स्कूल-कालेज और संस्थानों में अध्ययनरत है तो उसके लिए मैदानी क्षेत्रों के अंकों का मानक लागू होगा।