देहरादून जिले में सहसपुर के नजदीक स्थित तिपरपुर गांव की पूर्व प्रधान सोमती कभी इतनी सक्षम थी कि गांव के ढाई हजार लोगों की पेंशन लगवा चुकी है। वक्त की ऐसी मार पड़ी कि सोमती को अब अपनी विधवा पेंशन के लिए विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। तीन सालों में चार बार की पेंशन सोमती को नहीं मिली है।
सोमती तिपरपुर गांव की पूर्व प्रधान रह चुकी है। अपने समय में उन्होंने महिलाओं को खूब हौसले दिए। विभागों की योजनाएं समझाई, पेंशन लगवाई। विधवा, विकलांग और बुजुर्ग सभी की मिलाकर करीब ढाई हजार लोगों की पेंशन लगवाई। कोई भी काम होता सोमती सीधे संबंधित मंत्रियों से बात करती, उनके घर पहुंच जाती।
अब यह स्थिति हो गई है कि सोमती को खुद की पेंशन के लिए प्रोबेशन कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सोमती ने बताया कि दस साल पहले जवान बेटा दुनियां से चला गया फिर पति ने साथ छोड़ दिया। वह इस तरह टूट गई कि दो सालों तक खुद को घर में कैद कर लिया। फिर सोचा जो करना है खुद ही करना है, खड़ी उठी और अपनी विधवा पेंशन लगवाई।