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पूर्व CM एनडी तिवारी को ट्रांजिट स्प्रीमिक अटैक, अस्पताल में भर्ती

Sun, 15 Jan 2017 10:29 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हल्द्वानी
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अस्पताल में भर्ती पूर्व सीएम - फोटो : AmarUjala
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पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की हालत शनिवार को खराब हो गई। तीन उल्टियां होने के बाद वह बेहोश हो गए, लेकिन बृजलाल अस्पताल में डॉक्टरों के उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। अस्पताल के निदेशक डॉ. अजयपाल का कहना है कि पूर्व सीएम को ट्रांजिट स्प्रीमिक अटैक हुआ था। 
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एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी ने बताया कि वह गोरापड़ाव स्थित आवास में सो रहे थे। सुबह करीब आठ बजे पिताजी की हालत खराब हो गई। दो तीन उल्टी होने के बाद वह बेहोश हो गए।

फोन करने पर शीघ्र ही एसटीएच के डॉक्टर विवेकानंद सत्यबली आवास पर आए। उन्होंने दवा देकर एनडी का चेकअप कराने की सलाह दी। इसके बाद उन्हें बृजलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टर रणवीर सिंह सोलंकी और अजयपाल की टीम ने जांच किया। उपचार से थोड़ी देर तक एनडी तिवारी को होश आ गया।
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48 घंटे बाद फिर होगा सीटी स्कैन

पूर्व सीएम की हालत में सुधार है। - फोटो : AmarUjala
इस बारे में अस्पताल के निदेशक डॉ. अजयपाल ने बताया कि सुबह पूर्व सीएम इमरजेंसी में आए। उनके ब्रेन का सिटी एनजीओ, कैरोटिक एनजीओ, हार्ट का इको, शुगर, ब्लड प्रेशर और ब्लड टेस्ट कराए गए। जांच में हार्ट का इको और एनजीओ नार्मल पाया गया। तिवारीजी को हाइपो थायराइड, प्रोस्टेट और कार्डिक की बीमारी है।

पहले से ही इन बीमारियों की दवाएं चल रही हैं। एनडी की हालत में सुधार है। दिमाग में छोटी छोटी नसों के बीच खून जमने से ऐसी स्थिति आ जाती है। फिलहाल 48 घंटे बाद फिर एनडी का सीटी स्कैन कराया जाएगा।

सब कुछ ठीक रहा तो उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल में एनडी तिवारी के साथ उनकी पत्नी डॉ. उज्जवला तिवारी भी मौजूद रहीं। इस बीच वयोवृद्ध नेता से मिलने के लिए शुभचिंतकों के आने का सिलसिला जारी रहा। 
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2014 में भी ऐसा हुआ था

नारायण दत्त तिवारी - फोटो : file photo
एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी का कहना है कि 2014 में भी ऐसे ही पिताजी की तबियत दिल्ली में खराब हुई थी लेकिन इलाज के बाद ठीक हो गया।  

अपने अस्पताल से टूटा भरोसा
एनडी तिवारी ने बड़े अरमान से अपनी पत्नी सुशीला के नाम पर अस्पताल बनवाया था। उस समय अस्पताल के लिए विदेश से महंगी मशीनें मंगाई गई।

सपना था कि यह अस्पताल कुमाऊं के लोगों की गंभीर बीमारियों के लिए अच्छा अस्पताल साबित होगा, लेकिन तिवारीजी की हालत खराब होने पर उन्हें बृजलाल में भर्ती कराना पड़ा। क्योंकि पूर्व सीएम के करीबियों का मानना है कि एसटीएच प्राइवेट अस्पताल जैसे इलाज की सुविधा नहीं दे सकता है।

पूर्व सीएम ने एसटीएच को बेहतर बनाने के लिए दो बार आंदोलन  किया लेकिन प्रदेश सरकार ने उनकी एक नहीं सुनी।
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