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कहीं ये साधु वेशधारी संविधान की आत्मा न निकाल लें: हरीश रावत

Fri, 14 Apr 2017 09:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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डा. भीमराव अंबेडकर की126 वीं जयंती पर कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हमारी विश्व में पहचान डा. अंबेडकर के बनाए संविधान से ही है। लेकिन इस वक्त माहौल ठीक नहीं है, मुझे डर है कि ये साधु वेशधारी संविधान से उसकी आत्मा आरक्षण को ही न निकाल लें।
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बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की126 वीं जयंती पर तहसील चौक स्थित जिला पंचायत सभागार में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेसी नेता हरीश रावत पहुंचे थे। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज की ओर से आयोजित किया गया था। अपने संबोधन से पहले हरीश रावत ने युवजन समाज के कार्यकर्ताओं को समाज सेवा के लिए सम्मानित किया।

हरीश रावत ने कहा कि आज दुनिया के समक्ष जो हमारी सबसे बड़े गणतांत्रिक देश की पहचान है, उसका श्रेय बाबा साहेब की सोच को जाता है। केंद्र सरकार पर अप्रत्यक्ष रुप से हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह साधु का वेश लेकर रावण भगवान राम की पत्नी सीता माता को हरण कर ले गया था, उसी तरह डर है कि कहीं ये साधु वेशधारी संविधान की आत्मा का हरण न कर लें।
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संबोधन के दौरान पूर्व सीएम का फोकस आरक्षण ही रहा। भारतीय जनता पार्टी का नाम न लेते हुए आरोप लगाया कि ये सरकार आरक्षण को समाप्त करना चाहती है। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के दिनों को भी याद किया और बताया कि उस वक्त जिन्होंने उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया आज वे सत्ता में है। 

क्रांतिवीरों को देश से बाहर करने वाले देशभक्त कैसे
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि जो आजादी से पहले क्रांतिवीरों को देश से बाहर करने पर तुले थे, आज ये देशभक्त कैसे हो गए। कहा, इनकी वजह से महात्मा गांधी की हत्या हुई। 

ये रहे कार्यक्रम में उपस्थित
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पूर्व राज्य मंत्री सुशील राठी एवं उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्रवण राजौरिया समेत कई लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचाल युवजन समाज के प्रदेश अध्यक्ष विकास चौहान ने किया। 
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