विधानसभा चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी मामले पर उच्च न्यायालय में 10 अप्रैल को सुनवाई होगी। मंगलवार को उच्च न्यायालय में याचिकाकर्ताओं ने प्रार्थना पत्र दाखिल कर लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत जल्द सुनवाई करने की मांग की।
इस कानून के तहत छह माह में मामलों को निस्तारित करना होता है। न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत बीजेपी के अन्य विधायकों के खिलाफ उच्च न्यायालय में कांग्रेसी के पार्टी प्रत्याशियों ने लगभग आठ याचिकाएं दाखिल की थीं।
याचिका में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर चुनाव निरस्त करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया था कि ईवीएम सूची से अलग कई स्थानों पर अन्य मशीनों का प्रयोग किया गया।
चुनाव में जीतने वाले कुछ प्रत्याशियों ने नतीजे घोषित होने से पहले ही अपने फेसबुक पेज पर चुनाव परिणाम जारी कर दिए थे। विकासनगर में हजारों मतदाता दूसरी विधानसभा क्षेत्र के हैं। एक भाजपा प्रत्याशी भी दो विधानसभा क्षेत्रों का मतदाता रहा है।