ईवीएम में छेड़छाड़ के मामले में राज्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन अधिकारी की ओर से हाइकोर्ट में शुक्रवार को अर्जी दी गई, जिसमें उन्होंने स्वयं को याचिका से हटाए जाने की प्रार्थना की। इस पर आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए याचिकाकर्ता ने दो सप्ताह का समय मांगा है।
न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पूर्व मंत्री नवप्रभात व अन्य ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि ईवीएम में छेड़छाड़ के चलते विकासनगर विधानसभा क्षेत्र से मुन्ना सिंह चौहान निर्वाचित घोषित हुए। याचिका में यह भी कहा गया कि मुन्ना सिंह चौहान का नाम विधानसभा में निर्वाचक के रूप में दो-दो बार दर्ज है।
याचिका के मुताबिक चुनाव के दौरान ईवीएम बदले जाने की सूचना भी चुनाव अधिकारी की ओर से नहीं दी गई। चुनाव के दौरान कुछ बाहरी तत्व कार्य करते हुए देखे गए, जिनका उत्तराखंड से कोई संबंध नहीं था। इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से मुन्ना सिंह चौहान के निर्वाचन को निरस्त किए जाने की मांग की गई। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तिथि नियत की।