अध्यात्म का मतलब सब कुछ छोड़ना नहीं, सबके साथ भगवान को जोड़ना है। भगवान से तार जुड़ते हैं तो सब कुछ विशेष हो जाता है। भगवान का नाम आते ही संगीत सत्संग बन जाता है। ये बातें श्रीमद्भागवत कथा में प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी ने कहीं।
शनिवार को रेसकोर्स स्थित गुरु नानक इंटर कॉलेज में श्रीश्री बालाजी सेवा समिति की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। इसमें जया किशोरी कथा सुना रही हैं। गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो... भजन की से उन्होंने कथा की शुरुआत की। जया किशोरी ने कहा कि अध्यात्म का मतलब सब कुछ त्यागना नहीं होता। धर्म और अध्यात्म की ये व्याख्या उन्होंने की है जो चाहते ही नहीं थे कि हम भक्ति करें। उन्होंने कहा कि धन दौलत ग्रहण करो, लेकिन इनमें खुशी मत ढूंढो। खुशी घर-गाड़ी से नहीं, वो हमसे जुड़ी हुई है। जिसके साथ भगवान है उसे किसी चीज की जरूरत नहीं।
उन्होंने कहा कि आपका पहला फर्ज बनता है माता-पिता को अच्छा जीवन दें। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता, बिपिन जोशी आदि मौजूद रहे।
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Iसंगत अच्छी तो सब काम अच्छे होंगे
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जया किशोरी ने कहा कि आपकी संगत अच्छी है तो आपके सब काम अच्छे होंगे। कई बार हमें भी नहीं पता होता कि हमारे दोस्त ठीक हैं या नहीं। आप किसी के साथ समय बिताते हैं तो उसका प्रभाव अवश्य पड़ता है।
Iदुनिया परेशान कर रही, शादी कर लो...
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जया किशोरी ने कहा कि दुनिया परेशान कर रही है कि शादी कर लो। लोग बोलते हैं संसार की रीत है, सब शादी करे जा रहे हैं, लेकिन करने के बाद बोलते हैं कि पहले ही ठीक थे। उम्मीद, विश्वास, प्रेम सिर्फ भगवान की ओर लेकर जाएगा। जितना प्रेम लेकर जाएंगे, उतना ही जीवन में बदलाव दिखेगा।
Iयाद रखें... जाति-भाषा नहीं धर्म पूछा है
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जया किशोरी ने कहा कि हम जात-पात में ही रह गए हैं। आप सनातनी हैं। उन्होंने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए कहा कि याद रखिए जाति नहीं पूछी, भाषा नहीं पूछी, सिर्फ धर्म पूछा है और हम जाति-भाषा में ही उलझे हुए हैं।