नंदा देवी पर्वत के आसपास बर्फ में पड़े पर्वतारोहियों के शवों को निकालने का काम बुधवार से शुरू होगा। इस अभियान को लेकर डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने मंगलवार को सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। विदेशी पर्वतारोहियों के साथ हुई घटना की जानकारी प्रशासन की ओर से केंद्र सरकार, राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय को भी भेजी गई है।
आईटीबीपी के डीआईजी एपीएस निंबाडिया ने बताया कि लापता पर्वतारोहियों के रेस्क्यू के लिए अपनी टीम के साथ पैदल बेस कैंप तक गए आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी सुनील कुमार भी वापस लौट आए हैं। हेली से ऑपरेशन चलाने से पहले टीम के सदस्य उनसे भी वहां की जमीनी स्थितियों के संबंध में बातचीत करेंगे।
बर्फ में दबे शवों को निकालने में बरतनी होगी सावधानी
बर्फ में दबे पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए तैयार टीम में सभी विशेष प्रशिक्षित पर्वतारोही शामिल किए गए हैं। इसके बावजूद हिमालयी क्षेत्र में चलने वाले इस ऑपरेशन में शामिल सदस्यों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। एवरेस्ट विजेता और पर्वतारोहण में एक्सपर्ट आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी रतन सिंह सोनाल ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगातार एवलांच आने के खतरे रहते हैं।
जिस स्थान पर शवों की लोकेशन बताई गई है वह लगभग छह हजार मीटर की ऊंचाई पर है। यदि शव बर्फ में अधिक गहराई तक दबे होंगे तो उन्हें निकालने में कुछ मुश्किलें आ सकती हैं। मौके पर पहुंचकर ही वस्तुस्थिति का पता चल सकेगा।
एवरेस्ट विजेता शीतल का मानना है कि जहां पर्वतारोहियों के शव पड़े हैं, वहां से उन्हें लाना का काम बेहद मुश्किल है। इस बार बर्फबारी अधिक हुई है। इस वजह से भी रेस्क्यू में दिक्कतें आएंगी। शवों को लाने के लिए एक्सपर्टों का सहयोग लेने के साथ ही बड़ी टीम भेजनी होगी।
रेस्क्यू के दौरान एवलांच आने का खतरा है। शीतल कहती हैं कि रेस्क्यू टीम का आपस में सामंजस्य बेहतर होना चाहिए। इसके लिए रूट की बेहतर रेकी भी जरूरी है। शव लाने वही एक्सपर्ट जाएं, जिसे रूट का पता हो।
बर्फ में फंसे पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए आईटीबीपी की टीम पिथौरागढ़ पहुंच गई है। द्वितीय कमान अधिकारी रतन सिंह सोनाल इसका नेतृत्व करेंगे। कुछ विशेष उपकरण दिल्ली से मंगाए गए हैं। इन उपकरणों के पहुंचने के बाद एक बार टीम में शामिल सदस्य हेलीपैड पर ही अभ्यास करेंगे। इसके बाद नंदा देवी पर्वत की ओर रवाना होंगे। - एपीएस निंबाडिया, डीआईजी भारत- तिब्बत सीमा पुलिस।