विरासत में प्रस्तुति देते एस आकाश।संवाद
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विरासत महोत्सव में शुक्रवार को वडाली बंधुओं के सूफिया अंदाज ने लोगों को झूमने पर विवश कर दिया। वडाली बंधुओं ने जैसे ही सूफिया सुरों में गीतों की शृंखला शुरू की, लोगों ने उसी अंदाज में तालियां बजानी भी शुरू कर दी।
विरासत महोत्सव की शाम लोक संस्कृति और गीत-संगीत के नाम रही। वडाली ब्रदर्स के सुरों का ऐसा जादू चला कि देर रात तक दर्शक थिरकते रहे और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। रीच संस्था की ओर से डॉ. बीआर आंबेडकर स्टेडियम में आयोजित विरासत सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ एस आकाश ने बांसुरी वादन से किया। उन्होंने राग गोरख कल्याण के साथ आलाप से शुरुआत की। इसके बाद कुछ मधुर पहाड़ी धुन सुनाकर लोगों को झकझोर दिया। आकाश ने आठ साल की छोटी उम्र से बड़े मंच पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। वे बैंगलोर से हैं और पहले ही देश भर में कई संगीत कार्यक्रम पेश कर चुके हैं।
उधर, वडाली ब्रदर्स की एक झलक पाने के लिए स्टेडियम में हजारों की संख्या में लोग पहुंचें। वडाली ब्रदर्स ने प्रस्तुति कि शुरुआत कृपा करो महाराज भजन की अद्भुत प्रस्तुति से की। वडाली ब्रदस पंजाब के सूफी गायकों की प्रसिद्ध जोड़ी है। उधर, पत्रकारों से बातचीत करते हुए संस्था के महासचिव आरके सिंह ने कहा कि विरासत देश के उभरते हुए कलाकारों के लिए एक मंच है। इस मंच से उत्तराखंड के साथ देशभर के कलाकारों की कलाओं को लोगों के सामने प्रस्तुत कर प्रोत्साहित किया जाता है।