राष्ट्रीय कार्यक्रमों में दी गई जिम्मेदारी
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संघ के अधिवेशन में घोषण की थी कि पीजी के दौरान डॉक्टरों को पूरा वेतन दिया जाएगा, जिस पर अमल नहीं हुआ है। पीजी करने वाले डॉक्टरों को आधा वेतन दिया जा रहा है। यूपी, हिमाचल प्रदेश में अलग से एनएचएम आफिसर इंचार्ज की कोई व्यवस्था नहीं है, लेकिन उत्तराखंड में जूनियर चिकित्सा अधिकारियों को राष्ट्रीय कार्यक्रमों में जिम्मेदारी दी गई।
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इसका संघ ने विरोध किया। दंत संवर्ग के चिकित्सा अधिकारियों का खाली पदों के सापेक्ष समायोजन का मामला भी लटका पड़ा है। संघ की मांग की है कि राजकीय अवकाश पर अस्पतालों में ओपीडी को पूर्ण रूप से बंद कर इमरजेंसी में ही मरीज देखे जाएं। बैठक में डॉ. नरेश नपलच्याल, डॉ. मेघना, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. प्रवीण पंवार, डॉ. श्रुति शर्मा, डॉ. प्रताप रावत, डॉ. सतीश कुमार चौबे आदि मौजूद थे।