1- परिवहन निगम में कार्यरत 2968 संविदा, विशेष श्रेणी चालकों, परिचालकाें को नियमित कर्मचारियों की भांति समान कार्य समान वेतन की सुविधा दी जाए।
2- बकाया वेतन भुगतान के साथ ही ओवरटाइम, एरियर, चिकित्सा प्रतिपूर्ति भत्ते का भुगतान किया जाए।
3- जिन अधिकारियों, कर्मचारियों को शासनादेशों के विपरीत एसीपी का लाभ दिया गया है उनके वेतन से रिकवरी और कार्रवाई की जाए।
4- सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी व नकदीकरण का भुगतान किया जाए। पूर्व में हुए भुगतान में भेदभाव की जांच कराई जाए।
5- परिवहन निगम में बसों का बेड़ा बढ़ाकर 1600 किया जाए।
6- उत्तराखंड शासन द्वारा स्वीकृत परिवहन निगम के ढांचे को टू टायर किया जाए। टू टायर व्यवस्था के अंतर्गत ही सभी अधिकारियों, उपाधिकारियों की तैनाती की जाए।
6- देहरादून स्थित ट्रांसपोर्ट नगर कार्यशाला को तत्काल शुरू कराया जाएय।
7- रुड़की व पिथौरागढ़ डिपो में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।
8- समझौतोें के मुताबिक यूपी परिवहन निगम की बसों का संचालन उत्तराखंड परिवहन निगम के बस स्टेशनों से होना सुनिश्चित कराया जाए। करार से अधिक बसों के संचालन पर रोक लगायी जाए।
9- प्रदेश में अनाधिकृत निजी बस स्वामियों द्वारा आनलाइन बुकिंग पर अंकुश लगाया जाए। डग्गामारी रोकने को लेकर चौबीसों घंटे की प्रवर्तन व्यवस्था की जाए।
10- कर्मचारियों को एसीपी का लाभ देते समय 10 साल की अति उत्तम प्रविष्टियों की बाध्यता को समाप्त की जाए।
11- राज्य कर्मचारियों की भांति परिवहन निगम कर्मचारियों को भी आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाए।
12- परिवहन निगम में पिछले तीन साल की विस्तृत आय व व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।
13-उत्तर प्रदेश की केंद्रीय परिसंपत्तियों में से उत्तराखंड परिवहन निगम का देय हिस्सा 800 करोड़ का भुगतान निगम को कराया जाए।