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Uttarakhand News: वन भूमि हस्तांतरण में इंजीनियर हारे, अब सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी दिखाएंगे कमाल

Thu, 19 Dec 2024 01:01 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
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बैठक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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वन भूमि हस्तांतरण कराने में इंजीनियरों के पसीने छूट रहे हैं। हारकर यह काम अब रिटायर हो चुके भारतीय वन सेवा के अधिकारियों (आईएफएस) को सौंपा जा रहा है। विभाग का मानना है कि पूर्व आईएफएस अधिकारी भूमि हस्तांतरण के कायदों की समझ रखते हैं इसलिए सड़कों को वनीय स्वीकृति मिलने में आसानी होगी।

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वन विभाग की विकास योजनाओं में वन भूमि की जरूरत होती है। वन भूमि हस्तांतरण में कई चरण होते है। इसमें डीएफओ स्तर से होते हुए देहरादून और फिर पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तक प्रस्ताव पहुंचता है। स्टेज-एक और स्टेज-दो की अनुमति मिलती है। यह भी सशर्त होती है। इसमें क्षतिपूरक वनीकरण के लिए दोगुनी भूमि के साथ एनपीवी जमा करना तक होता है।

वन अधिनियम की शर्ताें को समझते हुए प्रस्ताव को तैयार करने के साथ प्रस्ताव को तैयार करने में कई बार तकनीकी समस्या आती है। ऐसे में वन विभाग ने वन भूमि हस्तांतरण के मामले में गति देने के लिए अनुबंध के आधार पर वन भूमि हस्तांतरण अधिकारी तैनात करने का फैसला किया है।
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ये अधिकारी वन विभाग के सेवानिवृत्त वन संरक्षक और डीएफओ स्तर के अधिकारी होंगे। एक अधिकारी शासन स्तर पर एक और प्रमुख अभियंता कार्यालय स्तर पर तैनात होंगे। लोनिवि के प्रमुख अभियंता स्तर से इसके लिए एक विज्ञापन भी जारी किया गया है।

 

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