दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर धर्मावाला के पास आसन नदी पर रविवार को निर्माणाधीन पुल ढहने की गाज चार इंजीनियरों पर गिरी।
चीफ इंजीनियर को मौके पर भेजकर कराई पड़ताल
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चारों इंजीनियरों को सस्पेंड करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री के तेवर देख प्रमुख सचिव (पीडब्ल्यूडी) सुखबीर सिंह संधू ने इन चारों को सस्पेंड कर दिया है।
इसके अलावा एनएच के चीफ इंजीनियर व सुपरिटेंडिंग इंजीनियर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड 11 करोड़ की लागत से धर्मावाला के पास आसन नदी पर 200 मीटर लंबे पुल का निर्माण कर रहा है। रविवार सुबह मजदूर इस पर काम कर रहे थे।
करीब नौ बजे अचानक बढ़े जलस्तर का दबाव न झेल पाने के कारण पुल की शटरिंग खुल गई और इसका लगभग 40 मीटर हिस्सा ढह गया था।
सोमवार को मुख्यमंत्री ने बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटना की समीक्षा की और संबंधित इंजीनियरों को सस्पेंड करने का आदेश दिया।
सीएम का निर्देश मिलते ही प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी ने चार इंजीनियरों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। इससे पहले चीफ इंजीनियर को मौके पर भेजकर पड़ताल कराई गई थी।
काम न रुके, इसलिए विभागाध्यक्ष कार्यालय में तैनात अधिशासी अभियंता अनिरुद्ध भंडारी को सस्पेंड किए गए शैलेंद्र मिश्रा के स्थान पर तैनात किया गया है।
ये हुए सस्पेंड
- शैलेंद्र मिश्रा, एक्सईएन
- बीसी पांडेय, असिस्टेंट इंजीनियर
- संजय सैनी, जूनियर इंजीनियर
- एमएस भैंसोड़ा, जूनियर इंजीनियर
इनसे मांगा स्पष्टीकरण
- एचके उप्रेती, चीफ इंजीनियर, नेशनल हाई-वे
- आरसी अग्रवाल, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, नेशनल हाई-वे
निर्माणाधीन पुल का गिरना गंभीर घटना है। शुरुआती जांच में अफसरों की भूमिका संदिग्ध है। इसलिए निलंबन व नोटिस देने की कार्रवाई हुई।
- सुखबीर सिंह संधू, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री