यूपीसीएल ने की छोटे कस्बों में भी तीन घंटे से ऊपर कटौती
प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी के बीच बुधवार को भारी बिजली किल्लत देखने को मिली। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में छह से सात घंटे कटौती हुई तो वहीं छोटे कस्बों में भी तीन से चार घंटे की कटौती हुई। आज बृहस्पतिवार को एक से दो घंटे कटौती रही। गर्मी में बिजली की डिमांड 44 मिलियन यूनिट से ऊपर चल रही है। बुधवार को भी डिमांड के मुकाबले यूपीसीएल को करीब दस मिलियन यूनिट बिजली कम मिली। इस वजह से उद्योगों से लेकर ग्रामीण और छोटे कस्बों तक में कटौती हुई। यूपीसीएल के एसई कॉमर्शियल गौरव शर्मा ने बताया कि अभी डिमांड 44 मिलियन यूनिट से भी ऊपर जा रही है और उपलब्धता 29 से 30 मिलियन यूनिट है।
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15 मिलियन यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही रोजाना
रोजाना करीब 15 मिलियन यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही है। बुुधवार को 15 में से पांच मिलियन यूनिट ही उपलब्ध हो पाई थी। लिहाजा, उद्योगों में छह से सात घंटे कटौती हुई। ग्रामीण इलाकों में करीब चार घंटे दिन में बिजली काटी और करीब तीन घंटे रात को कटौती हुई। रुड़की, ज्वालापुर, हल्द्वानी, काशीपुर सहित छोटे कस्बों में भी तीन से साढ़े तीन घंटे बिजली कटौती हुई। हालांकि, बृहस्पतिवार के लिए यूपीसीएल ने 13 मिलियन यूनिट में से 8.5 मिलियन यूनिट बिजली खरीद ली है। अब करीब साढ़े पांच मिलियन यूनिट की कमी है, जिसे बृहस्पतिवार को ही रियल टाइम मार्केट से खरीदने का प्रयास किया जाएगा। इसके बावजूद प्रदेश में करीब एक से दो घंटे की बिजली कटौती हो सकती है।
बिजली किल्लत के मामले में लगातार समीक्षा की जा रही है। जो परेशानी आ रही है, उसका कोई रास्ता निकाल लिया जाएगा। कल हमने इस संबंध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों से भी बात की थी।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार