हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन ने नगर में अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए एसडीएम ने अतिक्रमण संबंधी सभी पत्रावलियां तलब की हैं। जल्द ही कार्रवाई शुरू हो सकती है।
दून निवासी पंकज क्षेत्री की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा ने जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद मसूरी में लोगों ने सड़क पर अतिक्रमण या सरकारी जमीनें कब्जा रखी हैं।
इस कारण आने-जाने वालों को परेशानी होती है। जाम के हालात बने रहते हैं। जिस पर हाईकोर्ट ने मसूरी नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। इसके लिए अधिकारियों ने पहले चले अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद बचे हुए अतिक्रमण की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
एसडीएम मसूरी गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि पर्यटन सीजन शुरू से पहले 80 प्रतिशत अतिक्रमण हटाया जा चुका है। बचा हुआ अतिक्रमण भी जल्द हटा दिया जाएगा। मसूरी-दून मार्ग के किनारे हुए अतिक्रमण की भी सूची तैयार कर ली गई है, जिसे हटाने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा।