एकता विहार स्थित धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठे अस्पतालों से निकाले गए कर्मचारियाें ने आत्महत्या की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया तो जो कदम वन विभाग के कर्मचारी ने उठाया वही कोविड कर्मचारी उठाने के बाध्य होंगे।
शुक्रवार को आमरण अनशन के दौरान कर्मचारियों से मिलने पर्वतजन फाउंडेशन के शिव प्रसाद सेमवाल आए। उन्होंने कोविड कर्मचारियों को समर्थन दिया। कर्मचारियों ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की ओर से कई बार कर्मचारियों को नौकरी में समायोजन की बात की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कोरोना काल में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों का 28 दिनों से आमरण अनशन पर बैठने का सिलसिला जारी है।
बृहस्पतिवर से दो और कर्मचारी उत्तरकाशी के प्रभात उनियाल और चमोली के अभिषेक ठाकुर आमरण अनशन पर बैठे हैं। अभी तक 10 कर्मचारियों को स्वास्थ्य खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। इस मौके पर यूनियन की जिलाध्यक्ष शर्मीला चौहान, संतोष राणा, निशा, अमित नेगी, मिथलेश बलूनी आदि मौजूद रहे।