पेड़ को खेड़े के रूप में पूजते थे हिमाचली समाज के लोग
- दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग, पुलिस कर रही मामले की जांच
असामाजिक तत्वों ने बदामावाला रोड पर स्थित पीपल के पेड़ को रात के अंधेरे में चोरी छिपे काट दिया। जिससे विरोध में स्थानीय लोगों ने कोतवाली का घेराव किया। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। कोतवाली प्रभारी ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
बदामावाला रोड (बेलावाला) गांव में वर्षों पुराना पेड़ था, जिसे हिमाचली समाज के लोग खेड़े के रूप में पूजते थे। बीती बृहस्पतिवार की रात्रि को असामाजिक तत्वों ने पेड़ को काट दिया। जब सुबह हिमाचली समाज और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो वे भड़क गए। उन्होंने इस कृत्य पर कड़ी नाराजगी जताई। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने पेड़ की नापछाप की।
ग्रामीणों ने कोतवाली पहुंचकर प्रभारी संजय कुमार का घेराव किया। पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष और स्थानीय निवासी भूपेंद्र सिंह डोगरा ने कहा कि यह कृत्य कर धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश रची जा रही है। पेड़ पर हिमाचली समाज के लोगों की गहरी आस्था थी। पेड़ कई वर्ष पुराना था। जिसकी लोग पूजा अर्चना करते थे। उन्होंने कहा कि निकट ही भूखंड भी है। ऐसा भी हो सकता है कि किसी भू-माफिया ने पेड़ कटवाया हो, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द इसका खुलासा किया जाएगा। घेराव करने वालों में समरजीत सिंह पठानिया, जितेंद्र अरोड़ा, उमेश शर्मा, कुलदीप सिंह, गोपाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, राकेश गुलेरिया, सुरेश नौटियाल आदि शामिल रहे।