अर्द्धकुंभ मेले में कार्यरत विभिन्न विभागों, स्थानीय निकायों एवं अभिकरण आदि के अधिकारियों व कर्मचारियों को 20 प्रतिशत विशेष मेला भत्ता मिलेगा। इस संबंध में शासनादेश जारी हो गया है। लगभग 15 हजार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। मेला भत्ता उन्हीं कर्मियों को दिया जाएगा जिनका ग्रेड पे 4200 रुपये तक होगा।
शासन के सचिव डीएस गर्ब्याल की तरफ से मेलाधिकारी को भेजे 8 फरवरी के शासनादेश में कहा गया है कि मेला क्षेत्र में वस्तुओं के मूल्यों में होने वाली वृद्धि के दृष्टिगत राज्यपाल ने कर्मचारियों जिनका पुनरीक्षित वेतनमान ग्रेड पे 4200 रुपये तक है मेला अवधि एक जनवरी से 30 अप्रैल की अवधि में मूल वेतन का 20 प्रतिशत समतुल्य धनराशि 2500 रुपये की अधिकतम सीमा तक मेला भत्ता दिया जाएगा।
मेला भत्ता केवल उन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया जाएगा जो मेला क्षेत्र में सीधे तैनात हैं। इसके लिए उन्हें मेलाधिकारी का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों को छोड़ कर शेष विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को मेला भत्ते का भुगतान अर्द्घकुंभ मेला बजट से किया जाएगा। मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने विशेष मेला भत्ता का शासनादेश प्राप्त होने की पुष्टि की है।
इनको नहीं मिलेगा मेला भत्ता
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष भत्ता, यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता अनुमन्य नहीं है। उन्हें ही विशेष मेला भत्ता मिलेगा। नगर निकायों के उन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष मेला भत्ता स्वीकृत किया जाएगा जो निकाय की नियमित सेवा में हैं और मेला कार्य से सीधा संबंध है।
निकाय कर्मियों के लिए निराशाजनक
विशेष मेला भत्ते को लेकर नगर निकाय कर्मियों के लिए निराशाजनक बात यह है कि उन्हें मेला भत्ता कुंभ बजट से नहीं मिलेगा। निकायों को अपने कर्मचारियों को अपनी निकाय निधि से मेला भत्ता देना होगा और वह भी मेलाधिकारी के प्रमाणपत्र के बाद। नगर निगम हरिद्वार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं। उसके कर्मचारियों को कई-कई वेतन वृद्धियों के एरियर तक का भुगतान नहीं हो पा रहा है तो 20 प्रतिशत मेला भत्ता कहां से मिल जाएगा।