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मांगों पर स्थिति जस की तस, हड़ताल जारी

Wed, 30 Oct 2013 11:15 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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बुधवार को भी खासी माथापच्ची के बाद भी कर्मचारियों की हड़ताल का कोई हल नहीं निकला। कर्मचारी मुख्यमंत्री से नहीं मिल पाए। शासन से दो घंटे की बातचीत के बाद भी कर्मचारी संतुष्ट नही हुए। लिहाजा अब बृहस्पतिवार को आम सभा में हड़ताल पर रहने या न रहने पर फैसला होगा।
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वार्ता के लिए हालांकि तीन बजे का समय नियत था और कर्मचारी मान कर चल रहे थे कि उनकी बातचीत मुख्यमंत्री से होगी। पर सचिवालय के चतुर्थ तल में कर्मचारियों का सामना मुख्य सचिव सुभाष कुमार, अपर मुख्य सचिव राकेश कुमार और अन्य अधिकारियों से हुआ। यहां पर कर्मचारियों को समझौता पत्र दिया गया पर कर्मचारियों ने इस समझौता पत्र को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

प्रदेश भर के पदाधिकारी देहरादून आएंगे
कर्मचारियों के कहने पर इस समझौते पत्र में संशोधन हुआ तो कर्मचारियों से कहा गया कि मुख्यमंत्री के सामने हड़ताल स्थगित करने की घोषणा करें। इस पर कर्मचारी तैयार नही हुए। इनका कहना था कि बृहस्पतिवार को आम सभा में इस पर फैसला किया जाएगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह केमुताबिक प्रदेश भर से पदाधिकारियों को बृहस्पतिवार को देहरादून बुलाया गया है। आम सभा में शासन की ओर से रखे गए समाधान पर बातचीत होगी और आम राय से ही फैसला होगा।कर्मचारियों के रुख से साफ है कि शासन की ओर से रखे गए प्रस्ताव से वे संतुष्ट नही है।
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ग्रेड पे बढ़ाने की मांग
अनिवार्य तीन पदोन्नति वाली मांग में शासन ने एक सितंबर 2008 से नोशनल देने से साफ इंकार कर दिया। पर साथ ही यह शर्त भी जोड़ दी कि इस मांग को मान लेने से उत्पन्न विसंगति को विसंगति नहीं माना जाएगा। हालांकि बातचीत के बाद इस शर्त को हटा लिया गया। मुख्य मांगों में तीसरी मांग ग्रेड पे 2800 को समाप्त करने की थी। इसके लिए शासन ने सात दिसंबर तक का समय मांगा है। इस तरह से देखा जाए तो यह एक माह पहले हुए समझौते की ही तरह है।

अंदरखाने कर्मचारी भी मान रहे हैं कि सिवा आश्वासन केफिलहाल इसमें कुछ निकल कर सामने नही आया है। दूसरी ओर शासन का कहना है कि समझौते में सबके हितों का ध्यान रखा गया है। ऐसे में हड़ताल का टूटना अब बहुत कुछ कर्मचारियों पर पड़ने वाले राजनीतिक दबाव पर निर्भर करता है।
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