जबकि पंडित जवाहर लाल नेहरू उद्योगों को तवज्जो देने के पक्ष में थे और वे औद्योगिक क्रांति के जरिये भारत का आर्थिक, सामाजिक विकास करना चाहते थे। देश आर्थिक दृष्टि से मजबूत बन ही रहा था कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर देश को दशकों पीछे धकेल दिया।
मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी, चौधरी चरण सिंह, लालकृष्ण आडवाणी सहित चमोली जिले के विद्यादत्त तिवारी, हरीश चंद्र जोशी, राम जीवन शुक्ला, सरदार संत सिंह सहित कई लोगों को जेल में बंद कर दिया गया था। पुजारी बताते हैं कि इस दौरान विद्यादत्त तिवारी का एक हाथ भी कट गया था, लेकिन आज भी उनके परिवार को पेंशन नहीं मिल पाई है।