दून-हरिद्वार रेलवे ट्रैक पर गई 16 हाथियों की जान
राज्य गठन से अब तक 16 हाथी देहरादून-हरिद्वार रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटे हैं। 19 अप्रैल 2019 को सीतापुर रेलवे फाटक पर ही रेलवे ट्रैक पार करते समय दो टस्कर हाथियों की मौत हो गई थी। 13 जनवरी 2013 को भी इसी इलाके में एक साथ दो हाथियों की ट्रेन की चपेट में आने जान चली गई थी। 17 फरवरी 2018 व 20 मार्च 2018 को नंदा देवी एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो हाथियों की मौत हुई। इसके बाद 26 जून 2018 को काठगोदाम एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो गई थी। इसी तरह से राज्य गठन के बाद से अब तक 16 हाथी ट्रेनों का शिकार बन चुके हैं।
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प्रदेश में 2026 हाथी, लिंगानुपात में सुधार
देश में हाथियों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं उत्तराखंड में इनकी संख्या में इजाफा हुआ है। वर्ष 2020 की हाथी गणना के अनुसार, राज्य में कुल 2026 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। वयस्क नर और मादा हाथी का लैंगिक अनुपात 1:2.50 पाया गया, जो एशियन हाथियों की आबादी में बेहतर माना जाता है।