उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों ने अपनी रिपोर्ट केंद्र को भेजी है। इस पर केंद्र ने पहले चरण में आबादी पर अंकुश के लिए इन चार जानवरों को चुना है।
भारतीय वन्य जीव संस्थान को तीन साल के लिए पायलट प्रोजेक्ट दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए 10 करोड़ बजट आवंटित कर दिया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. वीबी माथुर ने बताया कि जानवरों की आबादी पर अंकुश लगाने के लिए इनकी प्रजनन क्षमता पर अंकुश लगाया जाएगा।
हर जानवर के लिए अलग तकनीक अपनाई जाएगी। कुछ को गर्भनिरोधक दवाएं दी जाएंगी और कुछ की नसबंदी होगी। इसके लिए प्रोजेक्ट में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इम्युनोलॉजी को भी शामिल किया गया है। दवाओं की डोज का निर्धारण यह इंस्टीट्यूट करेगा। अल्ट्रासाउंड के लिए संस्थान में मशीन उपलब्ध हो गई है। पशुओं की गर्भ निरोधक दवाएं अभी यूरोप की कंपनियां बनाती हैं। भारतीय कंपनियों से दवाएं बनाने के लिए बात की जाएगी।