सीतावनी मंदिर से दर्शन कर लौट रही महिला को हाथी ने कुचलकर मार डाला, जबकि उसके देवर ने छिपकर जान बचाई। संयुक्त चिकित्सालय पहुंचीं डीएफओ ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
रामनगर वन प्रभाग के सीतावनी मंदिर में बुधवार को काशीपुर के आवास विकास कॉलोनी निवासी इंद्रजीत अपनी भाभी अमृता कौर (42) पत्नी गुरुदेव सिंह को बाइक से लेकर सीतावनी मंदिर में आया था। शाम करीब 5:45 बजे भंडारपानी के पास इंद्रजीत ने बाइक रोकी और जंगली जानवरों की फोटो लेने लगा।
जैसे ही दोनों फिर से बाइक पर सवार होकर पर्यटकों की जिप्सी से आगे निकले, जंगल से एक हाथी निकलकर उनके पीछे दौड़ने लगा। सहमे हुए इंद्रजीत ने बाइक रोकी और भाभी को लेकर छिपने के लिए जंगल में चला गया। कुछ देर तक तो दोनों हाथी से बचते रहे, लेकिन थोड़ी देर बाद दोनों बिछड़ गए।
इसके बाद अमृता बचने के लिए पतले पेड़ के पास छिप गई। तभी हाथी उसके सामने आ गया और घबराकर अमृता गिर पड़ीं, जिसके बाद हाथी ने उन्हें रौंद दिया। इंद्रजीत के काफी शोर मचाने के बाद हाथी जंगल में भाग गया।
सूचना पर पहुंची वन विभाग की गाड़ी से आनन फानन में अमृता को संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे। सूचना पर डीएफओ नेहा वर्मा और रेंज अधिकारी ललित जोशी ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली।