इसके बाद हाथी ने सूंड से स्टार्ट बस के गियर को खींच दिया। जिससे अनियंत्रित बस करीब दस मीटर पीछे की ओर चली गई। इससे सहमी सवारियों में चीख-पुकार मच गई। चालक ने हैंड ब्रेक लगाकर बमुश्किल बस रोकी। कुछ देर बाद हाथी साइड से आकर बस में खाने का सामान खोजने लगा। इसलिए चालक ने बस को दौड़ा दिया। मानिला से लौटने के बाद चालक ने वर्कशॉप में बस को ठीक करा स्टेशन प्रभारी नवीन आर्या, फोरमैन मोहम्मद यामीन को घटनाक्रम की जानकारी दी।
ट्रांसपोर्टरों ने बदला संचालन का समय
रामनगर से पहाड़ को अधिकतर सुबह के समय ही राशन और अन्य सामान जाता है, लेकिन हाथी के डर की वजह से ट्रांसपोर्टरों ने अपना समय बदल दिया है। अब तड़के जाने की बजाय वह सुबह सात बजे के बाद ही निकल रहे हैं, क्योंकि हाथी इस समय तक सड़क से हट जा रहा है और वाहन सुरक्षित निकल रहे हैं।