तब जाकर महिला सवारियों की जान में जान आई। बाद में बस के अंदर अचेत पड़े शिक्षक को प्राइवेट गाड़ी से रामनगर की ओर लेकर आए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हाथी के हमले में शिक्षक गिरीश चंद्र पांडे की मौत पर क्षेत्र के शिक्षकों ने शोक जताया। घटना के बाद रामनगर अस्पताल पहुंचे कॉर्बेट नेशनल पार्क निदेशक राहुल और उपनिदेशक चंद्रशेखर जोशी का शिक्षकों और मृतक के परिजनों ने घेराव कर दिया।
इस दौरान अफसरों और शिक्षकों में नोकझोंक भी हुई। शिक्षकों ने मांग उठाई कि भविष्य में मार्ग से गुजरने वाले लोगों को सुरक्षा दी जाए। इस दौरान पार्क वार्डन शिवराज चंद्र, एसडीएम हरगिरी, सीओ पंकज गैरोला, कोतवाल रवि कुमार सैनी आदि रहे।
वनकर्मियों की गश्त बढ़ाई जाएगी
कॉर्बेट पार्क निदेशक राहुल ने बताया कि हमलावर हाथी को तलाशने के लिए इलाकों में गश्त कराई जा रही है। इसके अलावा उसकी हर गतिविधि को कैद करने के लिए ड्रोन की मदद ली जाएगी। प्रयास किया जाएगा कि हमलावर हाथी को ट्रैक्यूलाइज कर दूसरे स्थान पर छोड़ा जाए। पीड़ित परिवार को तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
दो दिन के अवकाश के बाद शिक्षक पांडे शनिवार को सल्ट स्थित जीआईसी जाने के लिए निकले थे, लेकिन किसी को क्या पता था कि अब वह लौटकर नहीं आएंगे। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मचा गया और परिचित-रिश्तेदारों का घर पर सांत्वना देने के लिए तांता लगा रहा।
शिक्षक के छोटे भाई पूरन पांडे ने बताया कि दो दिन अवकाश के बाद वह शनिवार को जीआईसी सल्ट जा रहे थे। घटना के बाद से पत्नी बीना पांडे का रो-रोकर बुरा हाल है। शिक्षक पांडे का बड़ा बेटा रामानुज पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा ललित कक्षा 11वीं का छात्र है।
एलिवेटिड पुल बने तो होगा समाधान
लगातार होते हादसों से सबक लेने की जरूरत है और सरकार को चाहिए कि हाईवे पर एलिवेटिड पुल का निर्माण किया जाए, ताकि पुल के नीचे से वन्यजीव आसानी से इधर-उधर जा सकें। गढ़ कुमाऊं समाजसेवक के भगत सिंह रावत और समाजसेवी हरीश चंद्र सती पुल निर्माण को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रामनगर से लेकर मोहान तक एलिवेटिड पुल बनाने की मांग कर चुके हैं। एलिवेटिड पुल बनने से बरसात में उफान पर आने वाले नाले भी वाहनों का रास्ता नहीं रोक सकेंगे।