श्रेणी वर्तमान दरें प्रस्तावित दरें
घरेलू 4.23 4.60
अघरेलू 6..10 6.64
सरकारी 5.45 5.93
एलटी उद्योग 5.76 6.27
एचटी उद्योग 5.79 6.31
सुनवाई में बढ़ोतरी का विरोध
यूपीसीएल की पिटीशन पर विद्युत नियामक आयोग ने सुनवाई रखी। इस सुनवाई में शामिल प्रतिनिधियों ने बढ़ोतरी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आयोग के नियमों और परिनियमों में मध्य सत्र में बिजली बढ़ाने का प्रावधान नहीं है।
यूपीसीएल का तर्क है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में आयोग ने 5,482 करोड़ रुपये की बिजली खरीदने की अनुमति दी। लेकिन उसे बिजली की डिमांड पूरी करने के लिए 5,875 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े। इस तरह उस पर 441 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा।
आयोग ने औसतन 3.94 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदने की इजाजत दी थी, लेकिन उसे 4.26 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदनी पड़ी। आयोग 146 करोड़ रुपये की भरपाई तो कर चुका है लेकिन शेष 296 करोड़ रुपये का घाटा है, जिसके लिए बिजली की दरों में इजाफा करके पूरा किया जाना है।
यूपीसीएल की पिटीशन पर जन सुनवाई हो चुकी है। लोगों की ओर से सुझाव आ चुके हैं। अब आयोग इनके आलोक में अगले 15 दिन के भीतर पिटीशन पर निर्णय लेगा।
-नीरज सती, सचिव, विद्युत नियामक आयोग