केंद्रीय परियोजनाओं से शुरू में कम रॉयल्टी
परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए तय किया गया है कि राज्य में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों टीएचडीसी, एनटीपीसी, एसजेवीएनएल आदि से शुरू में 12 के बजाए चार से आठ प्रतिशत बिजली बतौर रॉयल्टी ली जाएगी। जब उनका ऋण कम हो जाएगा तो ज्यादा बिजली देनी होगी, जिससे 12 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा हो सके। इन परियोजनाओं को जीएसटी में 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की सुविधा भी सरकार ने दी है। इसी प्रकार, निजी कंपनियों के 25 मेगावाट तक के प्रोजेक्ट के लिए यूपीसीएल को अनिवार्य पीपीए करना होगा। उनसे क्षमता वृद्धि का शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। शेयर होल्डिंग पैटर्न का अनुमोदन 15 दिन में मिलेगा। 2031 तक केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों का उत्पादन 1860 से बढ़कर 4522 मेगावाट होगा जबकि निजी कंपनियों का उत्पादन 963 से बढ़कर 1248 मेगावाट होगा।
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यूजेवीएनएल के कौन से प्रोजेक्ट कब आएंगे
| प्रोजेक्ट |
क्षमता |
कमीशन का वर्ष |
| मद्महेश्वर |
15 |
2024 |
| गुप्तकाशी |
1.5 |
2026 |
| तपोवन |
2 |
2026 |
| तांकुल |
12 |
2027 |
| लखवाड़ |
300 |
2031 |
| त्यूणी प्लासू |
72 |
2029 |
| पैंगाड |
15 |
2029 |
| रूपसियाबगड़ |
120 |
2028 |
| जिमबगड़ |
12 |
2028 |
| बावला नंदप्रयाग |
300 |
2028 |
| हनोल त्यूनी |
60 |
2029 |
| भिलंगना |
2ए 24 |
2029 |
| अराकोट त्यूनी |
81 |
2030 |
| सेला उर्थिंग |
114 |
2031 |
| इच्छाड़ी पीएसपी |
600 |
2030 |