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उत्तराखंड के इस गांव में हो रही बिजली की खेती

Mon, 09 Jan 2017 04:22 PM IST
अमरनाथ / अमर उजाला, बैलपड़ाव (रामनगर)
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solar power
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निजी उद्यम से यहां पनबिजली बनाने के बाद अब एक महिला समेत दो लोगों ने अपने खेत में सौर ऊर्जा से 450 किलोवाट बिजली उत्पादन कर पावर कॉरपोरेशन को बेचना शुरू किया है।
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नैनीताल जिले में व्यावसायिक बिजली उत्पादन के क्षेत्र में कदम रखने वाली पुष्पा शर्मा पहली महिला हैं, जिन्होंने बिजली आपूर्ति के लिए पावर कॉरपोरेशन से 25 साल के लिए समझौता किया है।
 
बैलपड़ाव गांव एक जमाने में बैलों के बाजार के लिए मशहूर था, लेकिन पशु मेलों पर रोक लगने के बाद धीरे-धीरे लोगों का रुझान भी बदल रहा है। कई लोग अब बिजली की खेती में रुचि दिखाने लगे हैं।
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150 किलोवाट का प्लांट लगाया

सोलर प्लांट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पुष्पा शर्मा ने उरेडा की मदद से अपने खेत में 300 किलोवाट और प्रद्युत कंसल भी 150 किलोवाट का प्लांट लगाया है।

उरेडा के जिला परियोजना अधिकारी संदीप भट्ट बताते हैं कि निजी प्रयास से नैनीताल जिले के मोहान में सबसे पहले 500 किलोवाट का प्लांट (अब तक का सबसे बड़ा) लगा था। उसके बाद कई लोगों ने आवेदन कर सब्सिडी वाली केंद्रीय योजना का लाभ उठाकर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन करने में दिलचस्पी दिखाई है।

एक साल के अंदर निजी प्रयासों से बेलबाबा के पास 100 किलोवाट, भीमताल में 20 किलोवाट और काठगोदाम में तीन किलोवाट बिजली सौर ऊर्जा से उत्पादित हो रही है।

कुबेर सिंह ने पनबिजली उत्पादन कर सरकार को आइना दिखाया

- फोटो : amar ujala
रामनगर से 15 किलोमीटर दूर बैलपड़ाव गांव में में ही पनबिजली उत्पादन से नाम कमाने वाले कुबेर सिंह को इसके लिए दिल्ली में अवार्ड मिला था।

कुबेर ने अपनी कोशिश से न सिर्फ अपने घर को, बल्कि कई घरों में उजाला किया था। उन्होंने अपने घर के पीछे बहने वाली नहर को नालियों के जरिए घर तक जोड़ा और फिर बड़े चक्कों से पानी के बहाव को पहियों तक पहुंचाया। इसी बहाव के दबाव से जब पहिए घूमते हैं तो घराट यानी पनचक्की चल पड़ती है।

आठवीं कक्षा तक पढ़े कुबेर के मन में मोटर मैकेनिक का काम करने के दौरान बिजली बनाने का ख्याल आया। हालांकि पिछले छह माह से टरबाइन खराब होने बिजली उत्पादन ठप है। अब वह पर्यटकों को सफारी कराते हैं।
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क्या है ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप प्रोजेक्ट

- फोटो : डेमो पिक
केंद्र सरकार की इस स्कीम के तहत यदि किसी व्यक्ति के पास अपनी जमीन है तो वह सौर ऊर्जा के व्यावसायिक उत्पादन के लिए उरेडा के पास आवेदन कर सकता है। सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदक को 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है।

पावर कारपोरेशन के ईई नितिन गर्खाल के मुताबिक फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व के आधार पर पावर कॉरपोरेशन हर साल अलग-अलग दर पर लोगों से बिजली खरीद रहा है।

2014 में मोहान में सौर ऊर्जा से 500 किलोवाट का बिजली प्लांट लगाने वाले पूर्व आईएएस अशोक अनेजा से 9 रुपये 20 पैसे प्रति यूनिट बिजली खरीदी गई थी, वहीं 2015 में पीरूमदारा के पास 150 किलोवाट बिजली प्लांट लगाने वाले पुनीत पंत को 6 रुपये 35 पैसे और 2016 से बैलपड़ाव में पुष्पा शर्मा और प्रद्युत कंसल को 5 रुपये 35 पैसे प्रति यूनिट की दर से भुगतान किया जा रहा है।
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