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बर्फ से बिजली उत्पादन को लगा ‘करंट’

Sun, 13 Nov 2016 12:32 PM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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पहाड़ों में बर्फबारी बढ़ने और नदियों का जलस्तर घटने से बिजली की टरबाइनें थमने लगी हैं। इससे विद्युत गृहों में उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है।
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हालात यह तक है कि कुछ जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली का उत्पादन न्यूनतम स्तर तक पहुंच गया है। प्रदेश में बिजली की मांग और आपूर्ति के अंतर को दूर करने के लिए उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) खुले बाजार से अतिरिक्त बिजली खरीद रहा है।

आजकल पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो गई है, लेकिन ठंड बढ़ने से बर्फ कम पिघल रही है। लिहाजा नदियों में जलस्तर घटने से उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) के 13 छोटे-बड़े जल विद्युत गृहों में दिनभर में कई बार टरबाइनों को नुकसान से बचाने के लिए रोकना पड़ रहा है।
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राज्य के जल विद्युत गृहों से रोजाना औसतन करीब 7.34 लाख यूनिट बिजली ही मिल पा रही है। जबकि, यूजेवीएनएल के सभी विद्युत गृहों की अधिकतम क्षमता करीब 2.40 करोड़ यूनिट है। जबकि राज्य में प्रतिदिन बिजली की औसत मांग तीन करोड़ 31 लाख 60 हजार यूनिट पहुंच चुकी है। ऐसे में इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ रही है।

बिजली की स्थिति (प्रतिदिन औसतन)
राज्य के जल विद्युत गृहों से कुल उत्पादन - 7.34 लाख यूनिट
राज्य की कुल मांग - तीन करोड़ 31 लाख 60 हजार यूनिट
केंद्रीय पूल से प्राप्त - एक करोड़ 31 लाख 30 हजार यूनिट
खरीदी गई बिजली - एक करोड़ 22 लाख 97 यूनिट
(इसके अलावा भी बिजली की कुछ मात्रा ओवड्राल की जा रही है)

यूपी के पानी न छोड़ने से भी बढ़ी परेशानी
यूजेवीएनएल की कालागढ़ स्थित 198 मेगावाट की रामगंगा परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप है। उत्तर प्रदेश के पानी न छोड़ने की वजह से यह दिक्कत आ रही है। इसी तरह 41.40 मेगावाट की खटीमा परियोजना की टरबाइनें भी पानी कम होने की वजह से बीच-बीच में रोकनी पड़ रही हैं। दरअसल, वहां नदियों से पानी रोकने या छोड़ने पर यूपी सिंचाई विभाग का अधिकार है। सिंचाई की जरूरत नहीं होने पर यूपी पानी छोड़ना बंद कर देता है।

पहाड़ों में बर्फ कम पिघलने से नदियों में जलस्तर घटने के कारण उत्पादन कम हुआ है। इसके अलावा यूपी से पानी नहीं छोड़े जाने से रामगंगा परियोजना में बिजली उत्पादन शून्य हो गया है। जबकि, खटीमा परियोजना में भी पानी की कमी से टरबाइनों को कई बार रोकना पड़ रहा है।
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- एसएन वर्मा, एमडी यूजेवीएनएल

यूजेवीएनएल से आजकल बिजली बहुत कम मिल पा रही है। जबकि, राज्य में बिजली की मांग कई गुना अधिक है। बिजली कटौती कम करने के लिए इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीद की जा रही है।
- पीसी ध्यानी, निदेशक (एचआर) एवं प्रवक्ता यूपीसीएल
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