ऐसे होगी एडिशनल सिक्योरिटी की गणना
पिछले साल में उपभोक्ताओं ने जितनी बिजली खर्च की होगी, उसका दो माह का औसत निकाला जाएगा। उस पर एक अप्रैल 2024 से लागू होने वाली दरों के हिसाब से शुल्क लगेगा। यानी अगर किसी उपभोक्ता ने पूरे साल में 12,000 यूनिट इस्तेमाल की हैं, उसका औसत 2000 यूनिट का आता है। अगर अगले साल एक अप्रैल से बिजली की दरें 5 रुपये प्रति यूनिट होती हैं तो 10 हजार रुपये एडिशनल सिक्योरिटी अमाउंट हो जाएगा। यह रकम 12 किश्तों में जमा कराई जा सकेगी।
एक अप्रैल से बिजली दरें भी बदलेंगी
नियामक आयोग एक अप्रैल से प्रदेश में नई विद्युत दरें भी लागू करेगा। इसमें बढ़ोतरी होने की सूरत में बिजली उपभोक्ताओं पर एडिशनल सिक्योरिटी अमाउंट के साथ ही नई दरों का भी बोझ बढ़ेगा।
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चुनावी साल में क्या सरकार उपभोक्ताओं पर लोड डालेगी?
विद्युत नियामक आयोग का यह फैसला एक अप्रैल से लागू होगा। इस समय लोकसभा चुनाव की तैयारी होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चुनावी साल में सरकार 27 लाख उपभोक्ताओं पर एडिशनल सिक्योरिटी और नई विद्युत दरों का डबल लोड डालेगी?