बिजली दरें बढ़ाने पर यूपीसीएल का तर्क
यूपीसीएल का कहना है कि निगम ने ऋण लेकर 123 करोड़ के स्वीकृत प्रोजेक्ट का काम किया। इन्हें पूरा करने की रिपोर्ट नियामक आयोग को दे दी गई है। इन प्रोजेक्ट का पैसा वापस मिलना चाहिए था, जो नहीं मिला है। इसके चलते पुरानी देनदारी बढ़ रही है। व्यासी जलविद्युत परियोजना से निगम को 7.60 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। इसके अलावा पावर ग्रिड कॉरपोरेशन आफ इंडिया ने ट्रांसमिशन टेरिफ में 10 पैसे की बढ़ोतरी की है। प्रदेश में गैस पावर प्लांट नहीं चल रहे हैं। इस कारण से दूसरे राज्यों से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।
ये हैं बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव
श्रेणी प्रस्तावित बढ़ोतरी (प्रतिशत में)
घरेलू 5.0
गैर घरेलू 7.8
पब्लिक यूटिलिटी 9.0
उद्योग 7 से 8
इलेक्ट्रिक वाहन 5.0
रेलवे 4.0
बिजली दरों में 7.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी का फैसला पुराने स्वीकृत प्रोजेक्टों की देनदारी के लिए लिया गया। यदि रेगुलेटरी कमीशन की तरफ से पहले निगम को ये मिला चुका होता तो बिजली दरों में एक रुपया भी नहीं बढ़ाते। निगम के दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव से टेरिफ में कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
- अनिल कुमार, प्रबंध निदेशक, यूपीसीएल