उत्तराखंड में आपदा के तीन महीने बाद चमोली जिले के रतगांव और रणकोट गांव बिजली से रोशन हो गए हैं। गुरुवार दोपहर में गांवों में बिजली पहुंचते ही ग्रामीणों में उम्मीद की नई रोशनी रोशन हुई।
16/17 जून की आपदा से जनपद में 383 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। ऊर्जा निगम ने कई गांवों में वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली तो पहुंचा दी, लेकिन अलग-थलग पड़े गांवों में विद्युत आपूर्ति सुचारु कराना मुश्किल भरा हो गया था।
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ग्रामीणों को दिक्कत
अब जनपद के अंतिम आपदा प्रभावित रतगांव और रणकोट में भी बिजली पहुंचा दी गई है। स्थानीय ग्रामीण महावीर सिंह, करण सिंह, मेहरबान सिंह और गजपाल का कहना है कि बिजली न होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। रतगांव में 135 और रणकोट में 45 परिवार आपदा के बाद से अंधेरे में डूबे थे।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न होने से गांवों में जंगली जानवरों का आतंक बना हुआ था। अब बिजली का सहारा मिल गया है।
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अंतिम गांवों में भी आपूर्ति बहाल
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पंवार का कहना है कि थराली और नारायणबगड़ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की सुचारु व्यवस्था कर दी गई है। थराली ब्लॉक के अंतिम गांवों में भी आपूर्ति बहाल कर दी गई है। वर्तमान में जनपद में सभी 383 आपदा प्रभावित गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है।