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Uttarakhand: लगातार बढ़ रहे तापमान से पिघले ग्लेशियर, नदियां लबालब, रिकॉर्ड स्तर पर बिजली उत्पादन

Tue, 21 May 2024 04:04 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून

सार

मई 2020 में यूजेवीएनएल का औसत उत्पादन 1.6 करोड़ यूनिट, 2021 में 1.2 करोड़ यूनिट, 2022 में 1.7 करोड़ यूनिट, 2023 में 1.3 करोड़ यूनिट रहा है।

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बिजली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य में लगातार बढ़ रहे तापमान से ग्लेशियर पिघल रहे हैं। नदियों में पानी लबालब हो रहा है। जिससे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड का बिजली उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे यूपीसीएल को भी कुछ राहत मिली है।

दरअसल, पिछले पांच साल में मई महीने का उत्पादन का ट्रेंड देखें तो तस्वीर साफ हो रही है। मई 2020 में यूजेवीएनएल का औसत उत्पादन 1.6 करोड़ यूनिट, 2021 में 1.2 करोड़ यूनिट, 2022 में 1.7 करोड़ यूनिट, 2023 में 1.3 करोड़ यूनिट रहा है।

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इस साल मई महीने में लगातार यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन रिकॉर्ड दो करोड़ यूनिट से ऊपर जा रहा है। रिकॉर्ड बिजली की मांग के सामने यह उत्पादन यूपीसीएल को बड़ी राहत दे रहा है।

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सभी 20 परियोजनाओं से उत्पादन

वर्तमान समय में यूजेवीएनएल की सभी 20 जल विद्युत परियोजनाएं चल रही हैं। वैसे तो करीब 3.4 करोड़ यूनिट की क्षमता है लेकिन गर्मियों में इसके सापेक्ष दो करोड़ यूनिट तक उत्पादन एक नया रिकॉर्ड है। यूजेवीएनएल प्रबंधन का कहना है कि आमतौर पर इन दिनों पानी की कमी होने की वजह से परियोजनाओं से उत्पादन प्रभावित होता है लेकिन इस साल अच्छा रिस्पांस आ रहा है।

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गर्मी में ग्लेशियर पिघलने की वजह से नदियों में अच्छा पानी आ रहा है। इसके चलते हमारे सभी 20 पावर हाउस चल रहे हैं। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि अधिकाधिक उत्पादन हो और राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी हों। -डॉ. संदीप सिंघल, एमडी, यूजेवीएनएल

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